बेहद शर्मिंदा करने वाली हरक़त है ये। इस पेपर बनाने वाले को किसने ये काम दिया?
क्या इसीलिए सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के बावजूद आप DSSSB पर कब्ज़ा बनाए हुए है? सिर्फ कब्ज़ा जमाएंगे या कुछ ज़िम्मेदारी भी लेंगे?
सामाजिक भावनाओं व संविधान का खुला उल्लंघन हुआ है।
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