कोंग्रेस्स की दोगली राजनीतिpic.twitter.com/HQy9uST7aJ
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सीबीआई की छवि सुधारने के लिए इन दोनों आफिसर की विस्तृत जांच होनी चाहिए, पिछले एक दशक से इस संस्था की साख तेजी से गिरी है।
ये प्रक्रिया जजों के लिये भी हो...
बिल्कुल सही कहा गौरव भाटिया जी पहले यही दोगले लोग आलोक वर्मा का विरोध करते थे अब उसी के तलवे चाट रहे हैं यह लोग कांग्रेस वाले लोग थूक कर चाटने वाले लोगों में से हैं
विपक्ष, चाहे जो बोले लेकिन सरकार ने सही समय पर सही, निष्पक्ष, साहसिक फैसला लेकर अपनी प्रतिष्ठा, सम्मान और विश्वनियता को और भी मजबूत किया है। काश इस तरह का फैसला तोता प्रकरण के समय भी हुआ होता।
मेरे ख्याल से प्रशांत भूषण का नाम बदलकर PIL पुरुष कर देना चाहिए।
ये टॉयलेट से निकलकर बिना हाथ धोये SC पहुँच जाते हैं।
रोज रोज नया नया कचरा PIL लेकर जाते है शाम तक वहाँ से भगा दिया जाता SC से।
इनसे फालतू (निकठु) व्यक्ति नही देखा मैं।
पता नही क्यो टीवी पर इनको बुलाते हैं।


इसका नाम अशांत प्रदूषण ठीक रहेगा।

jab bhusan kisi ko support kartha hai jo tab 100% confirm ho jatha hai ki woh aadmi sahi nahi hai....now its confirm alok verma kitna honest hai
गाँधी के तीन बन्दर थे।
1-
2-
3-
अब नरेंद्र मोदी के तीन दल्ले है।
1-सुधीर चौधरी
2-रोहित सरदाना
3-अमिश देवगन
सहमत हो RT कीजिए

इन लोगों को देश से कुछ लेना देना नही है। भरसटाचारी का ही साथ देगें ये। चोर चोर मोसेरे भाई। इनका काम सिर्फ भाजपा सरकार की बुराई करना है चाहे फैसला गलत हो या सही।
राफेल को दबाना हे
@anjanaomkashyap जब आप अँकरींग करती हो और पुछती हो के वर्मा का पहले विरोध क्यों किया?
लेकिन यह भुल जाती हो की तब सरकार के हिसाब से इमानदार था तो आब गद्दार कैसा?
और कितना लाचार होने का इरादा है?
सरकार तो गद्दार कह ही नहीं रही बस निश्पक्ष जांच कराना चाह रही है, पर विपक्ष थूक कर चाट रहा है।
किस की जांच करनी है? वर्मा पर तो कोई आरोप नही है! उसे क्यों जबरदस्ती छुटी पर भेज रहे है? सवाल आगर समझ आया हो तो लिखना!
आरोप प्रत्यारोप दोनों पर हैं। विषय का ज्ञान हो तभी उल्टी करें।
हां भाई राकेश वर्मा पर रिटेल में जो गडबडी हुई है उस के कागजात जमा करने का आरोप है! गंभीर आरोप है? आस्थाना पर बस 5 करोड की रिश्वत मांगने और लेने का एक मामुली सा आरोप है? वह भी गोमांस निर्यात करनेवाले की तरफ से!
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