झूठा मुक़दमा दर्ज कराया है मेरे गाँव के पास का है ये मामला 
-
-
-
सच कहूँ तो ब्राह्मण राजपूत ओर बनिया क्यूंकि यही लोग राजनैतिक दलों की चापलूसी करने म लीन हे


- Još 3 druga odgovora
Novi razgovor -
-
-
ग्रामीणों का कहना है कि जो बच्चे नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हीं को निशाना बनाकर उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखवा जा रहा है. मुकदमा दर्ज होने से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी मुकदमों के चलते उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है,
-
जघन्य अपराध है उचित कार्रवाई हो
Kraj razgovora
Novi razgovor -
-
-
इस एक्ट के दुरुपयोग धड़ल्ले से हुआ है। विशेष रूप से उनके साथ दुश्मनी निकालने की कोशिश खूब की गई है जो मेहनत करके नोकरी प्राप्त करने वाले थे लेकिन इस कानून के तहत अयोग्य घोषित हो गए।
Hvala. Twitter će to iskoristiti za poboljšanje vaše vremenske crte. PoništiPoništi
-
-
-
दुरुपयोग हुआ है तो गलत है कारवाई होनी चाहिए कुछ लोग SC ST खत्म करने की बात कर रहे हैं सुनो आज भी दलितों को घोड़ी पर नहीं बैठने देते कुछ लोग मूँछें नहीं रखने देते नल से पानी नहीं भरने देते यह सब खत्म करने के लिए जरूरी है हरिजन एक्ट
-
भाई हम भी इस एक्ट को खत्म करने का नही बोलते लेकिन कोई आरोप है तो उसकी सक्षम स्तर से जांच तो होनी चाहिए बिना कुछ सवाल जबाब उठा कर 6 महीने जेल में डाल देना काले कानून से ज्यादा कुछ नही अरे आतंकवादी को भी सफाई देने के लिए मौका दिया जाता है लेकिन इसमें तो गया 6 महीने के लिए
- Još 3 druga odgovora
Novi razgovor -
-
-
सवर्ण तो घर बैठे ही बलात्करी और आतंकवादियों से भी ज्यादा अपराधी बता दिया गया.....ना जमानत ना सुनवाई सीधे छ महीना जेल,,,वाह ! इसे ही काला कानून कहतें हैं
Hvala. Twitter će to iskoristiti za poboljšanje vaše vremenske crte. PoništiPoništi
-
-
-
जिन लोगों को लगता है कि आरक्षण और क़ानूनी ढाल से समाज में लोगों के अंदर बराबरी का भाव लाया जा सकता है वो भ्रम में हैं। आपका आरक्षण ही दरार और बढ़ता है।
Hvala. Twitter će to iskoristiti za poboljšanje vaše vremenske crte. PoništiPoništi
-
-
-
गांव से पलायन की बात असत्य व निराधार है कृपया भ्रामक खबर न फैलाये। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक नगर फिरोजाबाद द्वारा दी गयी बाइट।pic.twitter.com/OxVAMY4KKc
-
Zee News कब से झूठी खबर दिखाने लगा या सबर्णों के उत्पीड़न की हर खबर को दबाना सरकारी नीति का हिस्सा
Kraj razgovora
Novi razgovor -
Čini se da učitavanje traje već neko vrijeme.
Twitter je možda preopterećen ili ima kratkotrajnih poteškoća u radu. Pokušajte ponovno ili potražite dodatne informacije u odjeljku Status Twittera.