चाय से की शुरुआत।
अब बेचूंगा अजूबे सात।।
#IndiaOnSalepic.twitter.com/mEpHlikjTb
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चाय से की शुरुआत।
अब बेचूंगा अजूबे सात।।
#IndiaOnSalepic.twitter.com/mEpHlikjTb
पकौड़े बचो,
पान की दुकान खोलो,
और अब हर पढ़ा-लिखा बेरोजगार नोजवान को घर में एक गायें पालनी चाहिए, यही असली रोजगार है...
अब तो पक्का 2019 में BJP की भैंस गई पानी में

https://twitter.com/aajtak/status/990628963964870657 …
चाय पीकर, जिसके हाथ मे जूठा कप देना था ....
लोगो ने उसके हाथ मे देश दे दिया ....
दुर्भाग्य....
अब चायवाले से उम्मीद भी कितनी करोगे....,
मैने चाय बेची
यह उपलब्धि तो ऐसे बताते है कि जैसे देश इनकी चाय पीके ही आज़ाद हुआ था


जो लोग कांग्रेस के समय में दो बूंद पोलियो की पी के सीधे चल रहे हैं वो भी भौंक रहे हैं कांग्रेस ने 70 साल में कुछ नही किया 


"पान की दुकान" का तो पता नही "मगर" "चूना" जरूर लगाएंगे 2019 में आखिर मोदी को झोला उठवाना भी तो जरूरी है
12th टॉप करने वाले विद्यार्थी को भविष्य में डॉक्टर,इंजीनियर,और वकील बनने की अग्रिम शुभकामनाये
और जो फेल हो गए हो उन्हें विधायक,मुख्यमंत्री,शिक्षामंत्री बनने की अग्रिम शुभकामनाये

उदहारण के लिए आप मोदी जी को ले सकते है
जय राहुल गांधी। देश के भविष्य। फेकू भगाओ देश बचाओ।
आरएसएस ने 52 साल तक तिरंगे का सम्मान नहीं किया..? पर इसी आरएसएस के जगन्नाथ राव जोशी और अन्य कार्यकर्ताओं ने 2 अगस्त 1954 की सुबह पुतर्गाल का झंडा उतारकर भारत का तिरंगा फहराया, पूरा दादरा नगर हवेली पुर्तगालियों के कब्जे से मुक्त करा कर भारत सरकार को सौंप दिया.
जब जगन्नाथ राव जोशी के नेतृत्व में संघ के कार्यकर्ताओं ने गोवा पहुंच कर आंदोलन शुरू किया तो उन्हें गिरफ्तार किया गया और दस वर्ष की सजा सुना दी गई. बाद में विवश चाचा नेहरू ने सैनिक हस्तक्षेप का आदेश दिया और जनरल सगत सिंह के नेतृत्व में दो दिनों में गोवा पर कब्जा किया गया.
उस जमाने में पुर्तगाल में जनरल सगत सिंह के पोस्टर्स लगाए गए थे. उन पर 10000 डॉलर का इनाम भी रखा गया था. ऊपर दिए गए तथ्य अकाट्य हैं. अब बताइए कि जब आम आदमी को ध्वज फहराने का अधिकार ही 23 जनवरी 2004 को मिला तो आरएसएस मुख्यालय क्या 52 वर्षों तक उसका अपवाद था?
हमने तो विदेशी कब्जे के खिलाफ ध्वज फहराया तो आपकी चोक ले गई. उस गिरफ्तारी को नेहरू का देशद्रोह क्यों न माना जाए जिस शिद्दत से आप हम पर इल्ज़ाम तराशी करते हैं..? अभी तो यह शुरुआत है. अब हर सवाल का जवाब दिया जाएगा....
Rahul ji 


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