मेरा हिमालय =============== 'उत्तराखण्ड हिमालय' के पहाड़ी क्षेत्रों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहां वन अधिक हैं वहीं पर जल के स्रोत भी अधिक हैं। जहां जंगल नहीं है वहां पानी की अधिक समस्या है। वनों का अधिक होना तथा पहाड़ की चोटियों में जहां खाल, खाई बने हैं।
-
Show this thread
-
यह धरोहर उस क्षेत्र के लोगों के लिए अधिक लाभदायक होती है।इसके साथ ही धार्मिक स्थलों में जल स्रोत के पास अधिक चौड़े पत्ते वाले पेड़ लगाए जाते हैं। ग्रामवासी धार्मिक आस्था के कारण उन पेड़ों का संरक्षण करते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा जल व जंगल को महत्व देते हुए
1 reply 1 retweet 5 likesShow this thread -
आज अपने जंगलों को विभिन्न देवी- देवताओं के नाम नामित कर जंगलों का संरक्षण किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण जल की पूजा करना है। ऐसे क्षेत्रों में पीपल, बरगद, बांज, फल्याट, देवदार, कांभड़ एवं बुरांस आदि वृक्षों का रोपण किया है,
1 reply 1 retweet 6 likesShow this thread -
जिससे जल में अधिक मिठास व उपयोगी तत्व या मिनरल्स होते हैं। दूसरी तरफ मान्यता यह भी थी कि जलदेवी का अनुष्ठान कर आस- पास के क्षेत्र में पेड़ -पौधों को नहीं काटा जाता था। इन स्थलों पर स्थानीय जनता की धार्मिक आस्था अधिक होती है।
3 replies 2 retweets 17 likesShow this thread
इसी प्रकार आम जनता में यह भावना रहने से पर्यावरण संरक्षण को सबसे अहम बल मिलेगा।
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.