मेरा हिमालय ============= 'हिमालय' से निकलने वाली समस्त जलधाराओं का महत्व 'गंगा' के समान ही है। विभिन्न जलधाराओं के मिलन स्थल का महत्व भी 'संगम' के समरूप माना जाता है। हिन्दुओं के पवित्र मोक्षधाम 'श्री बद्रीनाथ' के यात्रा मार्ग में हरिद्वार से बद्रीनाथ धाम तक 'पंच प्रयागों'
-
Show this thread
-
का विशिष्ट स्थान है। यह पंचप्रयाग तीर्थ स्थल ही हैं देवप्रयाग में अलकनन्दा व भागीरथी के संगम के उपरान्त यहां से 'गंगा' नाम से पावन जीवनदायिनी नदी का प्रवाह बनता है। इसी तरह रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नन्दप्रयाग और विष्णुप्रयाग संगमस्थल -तीर्थस्थल के रूप में पूजे जाते हैं।
1 reply 5 retweets 42 likesShow this thread
हिमालय से निकलने वाली सभी जलधाराएं "स्पर्श हिमालय" से "स्पर्श गंगा" भावनाओं को अपने जल में निरन्तर प्रवाहित करती है।
8:27 PM - 2 Apr 2018
0 replies
5 retweets
35 likes
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.