मेरा हिमालय ================ व्यक्ति के जीवन में 'जल' का महत्व समझते हुए व्यक्ति को स्वच्छ एवं निर्मल जल प्राप्त हो, मानव 'गंगा' की निर्मलता बनाये रखे, इसलिए गंगा को 'माता' एवं महिलाओं के सौभाग्य का प्रतीक मानते हुए, हिमालय को, हिमालय से बहने वाली जलधारा को,
-
-
यहां के रीति -रिवाजों एवं संस्कृति को पुष्पित और पल्लवित किया। 'अथर्ववेद' में भी सुखमय जीवन के लिए हिमालय की आराधना की गयी है।
Show this thread -
यहां पर उत्पन्न जितनी भी वनस्पति एवं औषधि हैं, उसे किसी न किसी भगवान की प्रिय वस्तु बताकर लोगों को उनसे जोड़े रखा है। जैसे- तुलसी, हल्दी, पीपल, वट, आंवला, दूर्वा, पुष्प इत्यादि।
Show this thread
End of conversation
New conversation -
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.