977 पक्षियों की प्रजातियां, 176 सरीसृप, 105 उभयचर, 925 तितलियों और 269 स्वच्छ जलीय मछली हैं, लेकिन मात्र 25 प्रतिशत मूल वास स्थान ही क्षेत्र में सुरक्षित रहते हैं ।
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इतिहास हमें बताता है कि हिमालय के मूल निवासी 'किन्नर, किलिंद और किरात' थे। इतिहास में खासस और डराद का भी नामोल्लेख मिलता है। हिमालयी क्षेत्र की आबादी भू- आकृति, आर्थिक व्यवस्था और जलवायु की परिस्थिति से अत्यधिक प्रभावित होती हैं।
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आज हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र में कई करोड़ लोग रहते हैं जो भारत के भौगोलिक क्षेत्र का काफी हिस्सा प्रभावित करते हैं साथ ही जनसंख्या में भी काफी प्रतिशत हैं।
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