मेरा हिमालय 'केदारनाथ' तथा 'गंगोत्री' वन्यजीव 'अभ्यारण्यों' के बीच एक संकरी, सुन्दर, बर्फीली घाटी है जिसे 'भिलंगना' नाम से जाना जाता है। यह घाटी 'खतलिंग ग्लेशियर' से उत्पन्न होती है। ग्लेशियर दो ऊंचे शिखर 'सतेश्वरलिंग' तथा 'कोटेश्वरलिंग' की तलहटी में स्थित हैं।
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खतलिंग के दक्षिण- पश्चिम में 'दूध गंगा' नामक छोटा ग्लेशियर है। इस ग्लेशियर के लेटरेल मोरेन में 'मसूर ताल' नामक बड़ी बर्फीली झील है, इस झील तथा केदारनाथ मन्दिर के ऊपर 'वासुकिताल' को एक उबड़- खाबड़ मार्ग जोड़ता है।
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'मन्दाकिनी' से इस घाटी को अलग करने वाले जल विभाजन रेखा पर कुछ 'बुग्याल' हैं जिनमें मुख्य हैं- वर्तीकान्ठा, कुनाऊं, जौरासी, गेलडोबरा तथा पंवाली कांठा।
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इस क्षेत्र में स्थानीय लोगों तथा वन गुजरों द्वारा भैंसों, घोड़ों तथा स्थानीय पशुओं के बड़े समूहों को चराया जाता है जिससे भूरक्षण तथा महत्वपूर्ण वनस्पतियों का ह्रास होने लगा है।
7:42 PM - 27 Jan 2018
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