मेरा हिमालय ============== 'हिमालय' की सुरम्य पर्वत- श्रंखलाओं के अप्रतिम मनोहर सौंदर्य के बीच बसे 'उत्तराखण्ड' के 'गढ़वाल क्षेत्र' में तीर्थाटन और पर्यटन की अपार संभावनाएं है। सदानीरा कल-कल करती नदियां , ऊंचाई से गिरते जल- प्रपातों, हरी-भरी घाटियों, आकाश की ओर देखते 1/7
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गगनचुम्बी देवदार और चिनार के वृक्ष और दुर्गम पहाड़ियों का अनजान आकर्षण बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है। लगभग 30 हजार 90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 'गढ़वाल' में हर मौसम का अलग ही रंग और सौन्दर्य देखने को मिलता है। 2/7
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ग्रीष्म ऋतु में लोग इस क्षेत्र में तीर्थाटन और पर्यटन के लिए उमड़ पड़ते हैं तो सर्दियों में स्कीइंग, राफ्टिंग और ग्लाइडिंग जैसे साहसिक पर्यटन में व्यस्त रहते हैं। 3/7
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हिमाच्छादित धवल पर्वत चोटियां- त्रिशूल, सतोपंथ, केदारनाथ और नंदाघुन्टी देश- विदेश के पर्वतारोहियों को अपने शौर्य प्रदर्शन के लिए आकर्षित करती है। हिमक्रीड़ा के लिए औली और दयारा जैसे बर्फीले ढलान स्कीइंग करने वाले लोगों को रोमांचकारी अनुभूति प्रदान करते हैं। 4/7
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ऊँचाईयों पर स्थित हिमालय के रहस्यों को लिए हुए गहरी झीलें- केदारताल, सहस्रताल, डोडीताल, बेनीताल, देवदारताल, ब्रह्मताल तथा भैंकताल, हेमकुंड, रूपकुण्ड और होमकुंड जैसी अनेक भू-आकृतियां अपनी ओर आकर्षित करती हैं। इन तालों को अपनी गोद में समेटे रंग बिरंगे मनमोहक 5/7
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