मेरा हिमालय ================ धवल हिमशिखरों की तलहटियों में हिमरेखा तथा वृक्षरेखा के मध्य हरे भरे घास के मैदान व ढलानों की भू-आकृतियां बर्फ के संसार में बिछाये गये 'गलीचों' का आभास कराती हैं। इन हरितिमा लिये ढलानों और मैदानों को यहां 'बुग्याल' कहा जाता है।
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ये 'बुग्याल' अनगिनित जड़ी-बूटियां, तितलियों, पक्षियों, पुष्पों की विविधता से महकते हैं। देवभूमि के इन्हीं गलीचों में ऋषि- मुनियों ने साधनायें व तपस्याएं की हैं।
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'हिमालय' सौन्दर्यानुभुति प्राप्त करने के लिए आप सभी के लिए प्रकृति ने इन गलीचों को बिछाया है। आईये इन गलीचों में भ्रमण करें और 'स्पर्श हिमालय' व 'स्पर्श गंगा' का स्मृति उपहार प्राप्त करें।
10:13 PM - 6 Aug 2018
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