मेरा हिमालय ================= हिमालय की बर्फीली ऊंचाईयों में दुर्लभ एवं पवित्र 'भोज पत्र' का वृक्ष पाया जाता है। समुद्र तल से लगभग 2400 मीटर से 4200 मीटर की ऊँचाई तक इस वृक्ष का सौंदर्य प्रकृति के मध्य भारतीय संस्कृति का मंगलकारी प्रवाह बनाता है ।
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। पुरातन काल में जब कागज का आविष्कार नहीं हुआ था तो इस वृक्ष की छाल 'भोज पत्र' के रूप मे लेखन कार्य हेतु प्रयुक्त होती थी। प्राचीन धार्मिक ग्रन्थों, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक साहित्य 'भोज पत्र' में लिखित होने के कारण सुरक्षित है।
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देवभूमि का यह वृक्ष धार्मिक ग्रंथों, ऐतिहासिक साहित्य, पुराणों व पुस्तकों की तरह ही पवित्र वृक्ष के रूप में हिमालयी आस्था का गौरव है।
7:35 PM - 30 Jul 2018
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