भारत की विशालता-विविधता, कभी-कभी वर्षा भी पसंद-नापसंद का रूप दिखा देती है। ये मनुष्य ही है जिसने प्रकृति से संघर्ष का रास्ता चुन लिया और उसी का नतीज़ा है कि कभी-कभी प्रकृति हम पर रूठ जाती है। इसीलिये हम सबका दायित्व बनता है कि हम प्रकृति प्रेमी बनें, प्रकृति के रक्षक बनें: पीएम ।pic.twitter.com/6Ia1UpmH0H
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