इन्हें हम भौगोलिक शब्दावली में ऊंचाई पर अल्पाईन या हिमानी जलवायु के वन, बुग्याल, उससे निचाई पर नम शीतल वन, और उसके निचाई पर समशीतोष्ण वन कहते हैं। इसी समशीतोष्ण जलवायु स्तर में पहाड़ी ढालों पर अधिकांश ग्रामों की स्थिति है। लगभग 900 मीटर से 1700 मीटर ऊंचाई के क्षेत्र में,
-
-
Show this thread
-
उत्तरी पनढाल और दक्षिण तथा पूर्वी दिशा पनढाल के जलवायु परिवर्तन के आधार पर यहां मिश्रित वन मिलते हैं जो ग्राम जीवन के प्रमुख आधार हैं।
Show this thread -
निचली ऊंचाई के वन जो 900 मीटर से कम ऊंचाई के क्षेत्रों में होते हैं उन्हें तराई- भाबर के वन कहा जाता है, जबकि गढ़वाली बोली में कंडार- सालवान, गड्डी- छापर के वन जैसे नाम भी दिये जाते हैं।
Show this thread
End of conversation
New conversation -
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.