क्षेत्रों के लिए नयी योजनाओं पर विचार कर रही है, कार्य कर रही है। 'बादल फटना' आकस्मिक घटना है, जिसमें एक सीमित क्षेत्र में बहुत तेज वर्षा होती है, इसकी गति 100 मिलीमीटर प्रतिघंटा हो सकती है। यह घटना कुछ मिनटों के लिए होती है, लेकिन इससे होने वाली तबाही बड़ी होती है।
-
-
Show this thread
-
पहाडों में यह घटना में भूस्खलन के साथ जानमाल की भी हानि होती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि बादल फटने का लंबा पूर्वानुमान असंभव है, लेकिन कुछ घंटे पूर्व इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है और इसमें मदद करता है 'डाप्लर रडार' जो बादलों के घनत्व, हवा के प्रवाह व बादलों की
Show this thread -
स्थिति बताता है। यह उपकरण मौसम में रेडियो तरंगें भेजता है जो पानी व धूल कणों से टकराकर वापस लौटती हैं और सिस्टम उसके चित्र बनाता है। इस प्रणाली से बादलों की सघनता, ऊंचाई, गति नापी जा सकती है। ज्ञातव्य हो कि उत्तराखंड व हिमांचल के मौसम का मिजाज पटियाला के मौसम डाप्लर
Show this thread -
रडार से नापा जाता है, जिसकी जानकारी अंदाजे पर आधारित होती हैं। पटियाला का रडार करीब ढाई सौ किलोमीटर की रेंज के साथ हिमालय क्षेत्रों का मोटा पूर्वानुमान ही दे पाता है।
Show this thread
End of conversation
New conversation -
-
-
Thanks. Twitter will use this to make your timeline better. UndoUndo
-
-
-
Jai shri Ram Nàmo Namo phir Se Ek Bar Modi Sarkar 2019
Thanks. Twitter will use this to make your timeline better. UndoUndo
-
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.