मेरा हिमालय ================ 'मां गंगा' को अविरल बनाये रखने के लिए हिमालय में 'गोमुख' जैसा हिमनद है। इसके साथ ही जितनी भी हिमालय से निकलने वाली नदियां हैं उनको 9000 से भी अधिक ग्लेशियरों ने जीवित रखा हुआ है। इसलिए गंगा और उसकी सहायक नदियों की अविरलता निश्चित ही
-
-
समाजों के साथ राज्य सरकारें को भी पूरी ईमानदारी से गंगा की अविरलता के लिए काम करना होगा। यदि इसे हासिल करना है तो हिमालय के विकास के माडल पर विचार करना जरूरी है। इसके लिए हिमालय नीति जरूरी है। ताकि गंगा की अविरलता, निर्मलता बनी रहे। इसलिए अगर 'हिमालय बचेगा तो ही बचेगी गंगा'।
Show this threadThanks. Twitter will use this to make your timeline better. UndoUndo
-
Loading seems to be taking a while.
Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information.